काम ऐसे करो कि लोग आपको….

किसी दूसरे काम के लिए बोले ही नहीं….

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ…………

कागज कारखानों की कृपा से शहर में किताब कापियों के दाम उछाल मार रहे हैं। एक अभिभावक किताब की दुकान पर गये ।

उसने दुकानदार से कहा, ‘बेटे ने किताब खो दी है । मैथमेटिक्स की किताब दे दीजिये ।’

दुकानदार ने किताब का बढ़ा हुआ दाम 250 रूपय बताया तो अभिभावक भड़क गया ।

‘अभी दो महीने पहले आपने इसी किताब का दाम 200 रूपय बताया था, दो महीने में इसके दाम 50 रूपय कैसे बढ़ गये ?’

दुकानदार समझाने लगा, ‘पेपर मिलों ने कागज के दाम बढ़ा दिये हैं तो मैं क्या कर सकता हूँ ?’

अभिभावक ने जेब से 250 रूपये निकाल कर दुकानदार की तरफ बढ़ाये, ‘मेरा बेटा नालायक है । वह किताब न खो देता तो ढाई सौ रूपये की चपत न पड़ती ।’

बगल में खड़े एक ग्राहक ने कहा, ‘साहब, मेरी बात मानिये, किताब खरीदने का झंझट न पालिये । स्टूडेंट्स को अब किताब कॉपी की जरूरत नहीं पड़ती है । सारे लड़के नकल करके पास हो जाते हैं ।’

animated-student-image-0061=> कोर्स से ज्यादा तो किताबों का बोझ है. पढ़ लिख कर कुछ बन गए तो अच्छा, नहीं तो कुली का काम तो सिखला ही दिया है इस शिक्षा व्यवस्था ने.

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