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शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

सावन में फैले सांवरिया

शहर का मौसम पिछले कई महीने से बड़ा बेइमान होता जा रहा है । इधर डेंगू,इनसेफलाइटिस, मलेरिया, फाइलेरिया की बीमारी पर काबू पाने के लिये डॉक्टर जी तोड़ प्रयास कर रहे हैं उधर सावन के महीने में शहर के पेड़ों पर झूला पड़े न पड़े पर वन साइडेड प्यार में गिरफ्तार शहर के मजनुओं को लावेरिया का फीवर बुरी तरह से त्रस्त किये हुये है ।

वैसे तो सावन का महीना ‘बोल बम का महीना होता है, शिवलिंग पर दूध और गंगाजल सेअभिषेक का महीना होता है, पर साथ ही रिमझिम बरसात में बालीवुड फिल्में देख बौराई जवानी के फिसलने का भी महीना होता है । बरसात में सड़क पर भीगती आती जाती युवतियों को पेड़ के नीचे खड़े हो कर ताड़ने वाले पापी रोमियों के दर्शन आप भी कर सकते हैं आज कल । पुलिस के आला हाकिम भी इधर युवाओं में बढ़ती इस लवेरिया बीमारी की बढ़त देख कर हैरान हैं ।


दौलतपुर मोहल्ले में एक सिरफिरे आशिक ने प्रेमप्रपंच में अंधे हो कर अपने सगे चाचा के परिवार को एक रात निपटा दिया । चमनगंज इलाके में एक मजनू लवेरिया के प्रकोप से पीड़ित हो कर पड़ोसन शिक्षिका के घर में घुस गया । शिक्षिका ने विरोध किया तो श्रीमान मजनू, मजनू से गुलशन ग्रोवर बन गये और दिये दो रहपट प्रेम का पाठ न पढ़ने वाली शिक्षिका के गाल पर । शोर मचा तो अगल अगल की पब्लिक इकट्ठी हुयी और किसी तरह श्रीमान आशिक के पंजो से उस बेचारी टीचर को बचाया गया ।


मामला मोहल्ले का ही था इसलिये कुछ बुजुर्गवार श्रीमान आशिक को समझाने लगे, ’बेटा ये क्या हो रहा है ? हमारी जवानी में  तो पास पड़ोस की लड़कियों को बहन मान कर इज्जत दी जाती थी लेकिन आजकल के युवक पड़ोस की बहन बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने पर अमादा हैं ।

बगल में खड़े हेड कांस्टेबिल ने मुस्कुरा कर कहा, ‘चाचा जी, आपके जमाने में स्मार्टफोन नहीं आया था । अगर आप आशिक महोदय का मोबाइल चेक करेंगे तो माजरा खुद ही समझ जायेंगे । इनके मोबाइल में विदेशी लड़कियों की सैंकड़ों नंगी फोटो और ब्लू फिल्में मिलेंगी । आशिकी में इनकी थीसिस तो पहले से ही तैयार है । बस प्रेक्टिकल नहीं कर पा रहे हैं । आज बोहनी करने जा रहे थे कि पुलिस बीच में आ गयी । अब इनकी बाकी की क्लास बड़े घर में लगेगी ।

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