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शनिवार, 18 नवंबर 2017

प्रेम का रसायनशास्त्र

 (इस लेख को पढ़ कर काफी लोग खेत रहेंगे) ।

मित्रों, अभी कुछ दिन हुये अखबार में एक बड़ा ही क्रांतिकारी लेख पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । उस लेख के अनुसार वैज्ञानिकों ने ऐसे रसायनों का पता लगाया है जिसकी वजह से आदमी (जानवर भी) प्रेम में पड़ जाता है । साइंसदानों के अनुसार हमारे दिमाग के अंदर कुछ ऐसे रसायन होते हैं जोकि राह चलते सैंडिल पड़वाने के लिये जिम्मेदार होते हैं या किसी सयानी युवती को किसी वीर के साथ फूट लेने के लिये प्रेरित करते हैं । यहाँ  पर वैज्ञानिकों को उन रसायनों का भी पता लगाना चाहिये जो इन फुटेरों को घर की नकदी और जेवरात वगैरह भी लपेटने के लिये प्ररित करते हैं । इससे एक बड़ा फायदा यह होगा कि नुकसान नाक कटने तक की सीमित रहेगा, आर्थिक नुकसान से घर वालों की रक्षा हो जायेगी ।
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वैज्ञानिकों के अनुसार जब भूख लगने, लघुशंका, नींद, सांस  या छींक पर आपका बस नहीं है तो फिर ऑंख मारने, सरे आम छेड़ देने, सीटी मारने, फब्तीयॉं कसने आदि पर भी ज़ोर नहीं है । यह एक नैसर्गिक और प्राकृतिक क्रिया है जो कि होती रहती है । तो फिर भईया इसके बाद उन क्रांतिकारियों पर रूपवतियों के सैंडिलों के प्रहारों को और उनके तथाकथित पिताओं और भ्राताओं के द्वारा सरे आम किये गये अभिनंदन को भी नैसर्गिक और प्राकृतिक प्रतिक्रिया ही समझें क्योंकि बहुत कुछ ऐसे प्रोटीन और एन्जायम्स दिमाग में होते हैं जो कि घर की महिलाओं और युवतियों की रक्षा के लिये लात.घूंसों और ज़बान को सक्रिय कर देते हैं । जिससे कि प्रेम को बढ़ावा देने वाले रसायन ठंडे पड़ जाते हैं । बहरहाल संतुलन बना रहता है ।

एक दृश्य:
मुगले आज़म अकबर अपने नालायक लड़के सलीम से पूछ रहे हैं कि तुझे एक नाचने गाने वाली कनीज ही मिली थी । उन्हें क्या पता कि बेचारे सलीम की खोपड़ी में डोपार्माइन का डोज जरा ज्यादा हो गया है । अकबर को चाहिये था कि अपने राज हकीम से कोई एन्टीडोज़ बनवा कर सलीम को खिला देता । ससुरे का सारा फीवर एड्स से जुखाम हो जाता और सात दिन के अंदर . “अनारकली! कौन अनारकली ।  मैं किसी अनारकली, चंपाकली, रामकली को नहीं जानता“ । फिर अकबर को अनारकली को वेवजह तीन बाई छः फिट की तंग कोठरी में चिनवाना भी न पड़ता ।

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.यहॉं पर स्थिति उलटी भी हो सकती थी । अगर सलीम अकबर को ओक्सीटोसीन का एक पावरफुल इंजेशन लगवा देता तो कुछ ऐसा भी हो सकता था . ”अमां सलीम मिंया! ये आनरकली क्या खूब नाचती है । बिल्कुल मधुबाला की कॉपी हैं जालिम । कल ही इस का रजिस्ट्रेशन हमारे हरम के लिये करवा देना“ । सलीम सोचता ”डोज जरा ज्यादा हो गई बुढ़ऊ को ।  कहॉं मैं अनारकली से निकाह के लिये बूढ़े को पटा रहा था, कहॉं ये खुद ही अनार से सेट होने की सोच रहा है ।“ वैसे इतिहास की किताबों में लंपट अकबर को ही अनारकली का आशिक बताया गया है ।

वैज्ञानिकों के अनुसार प्रेम करने से सेहत खासा भी ठीक रहती है । प्रेमीजन जरूरत से ज्यादा स्लिम हो जाते हैं । त्वचा में और चेहरे पर पहले से ज्यादा निखार आ जाता है । शरीर में एक अलग तरह की लोच उत्पन्न हो जाती है । हर वक्त बिचारे मुस्कुराते खिलखिलाते रहेंगे और पहले से अधिक खूबसूरत दिखेंगे । ये सारे स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रम लफेड़ू कैमिकलों की बदौलत होते हैं । लेकिन कुछ एन्टीरोमान्टिक कैमिकलों के सौजन्य से सेहत का और इज्जत का जनाजा लिकल जाता है । हिस्ट्री और इंडियन फिल्म इंडस्ट्री  गवाह हैं कि इन एन्टी रोमान्टिक कैमिकलों ने जिनका वास प्रेमीजनों के हिंसा प्रेमी और दुष्टता पर उतारू मॉं.बाप, भाइयों और कुछ विलेन टाइप लोगों के दिमाग में होता था और सदैव होता रहेगा, प्रेमी कबूतरों की गुटरगूं में हमेशा से रोड़े अटकाते रहते थे/हैं/गे ।
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वैज्ञानिकों ने जब इतनी खोज की है तो थोड़ी और कर लें और एन्टी.लव कैमिकल्स का प्रभाव कम करने के लिये नये कैमिकल्स का अविष्कार कर डालें । इससे प्रेमीजनों को बड़ी सुविधा होगी । वे अपने मॉं.बाप और जो भी जज़्बात में हिंसा पर उतारू हो रहा हो उसको चटा दें और प्रेम की वैतरणी पार कर लें । थोड़ी हिंट में ही दे देता हूँ । पान पसंद मार्का गोली चाहे लड़की को पटाने के लिये या मॉं-बाप को मनाने के लिये दोनों काम के लिये उपयुक्त होगी और  कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है ।

मेरे ख्याल से तो अब इंडियन पैनल कोड की वे सारी धाराएं खत्म कर देनी चाहिये जो कि छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के लिये बनाई गई हैं, क्योंकि कानून के अन्तर्गत पागल या मानसिक बीमार द्वारा किया गया अपराध अपराध नहीं होता है और अब यह सिद्ध हो गया है कि कुछ रसायन ही आदमी को ऐसे वैसे, जाने कैसे.कैसे कार्य करने के लिये उकसाते हैं । अतः अदालत को दंड देने विपरीत अभियुक्त को उसकी बिमारी के इलाज के लिये पैसों का इंतजाम करना चाहिये ।

वैज्ञानिकों के अनुसार प्यार एक कैमिस्ट्री है या रसायनिक क्रिया है । मतलब कि लैब में आप एक टेस्ट ट्यूब में चार बूंद फेनाइथायलमीन डालें और दस बॅंूद नारपाइनफाइन, इसको 210 डिग्री ताप पर गर्म कर दें । अगर इसमें विस्फोट होता है तो मुहब्बत की रसायनिक क्रिया पूरी हो गई, नहीं तो इस मटेरियल को सिंक में फेंक दीजिये, आपका प्रेम असफल हो गया है । जस्ट ए सिंपल क्रश । नेक्स्ट ।

मैं सोचता हूं कि अगर जीवन की ज्यादातर गतिविधियों के लिये रसायन ही जिम्मेदार हैं तो वैज्ञानिकों को कुछ खोज निम्नलिखित क्रियाओं पर भी करनी चाहिये । ऐन्टी भ्रष्टाचार प्रोटीन की खोज करनी चाहिये जिससे देश से भ्रष्टाचार का सफाया हो जाये । उनको ऐन्टी मॅंहगाई की टेबलेट्स सारे व्यापारियों को खिला देनी चाहिये । देश की सरकार स्थिर रहे इसके लिये स्थिरता वाले इंजेक्शन सारे सांसदों को लगा देना चहिये । ऐन्टी गरीबी के कैप्सूल सारे गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों को खिला देने चाहिये जिससे कि उनको गरीबी से घृणा हो जाये और वे मेहनत करे और अमीरी को प्राप्त करें । ऐन्टी सांप्रदायिक गोलियों उनको खिला देनी चाहिये जो दंगे करवाते हैं ।

कौन कहता है कि विज्ञान सिर्फ युद्ध ही करवा सकता है । अगर ठीक से काम लिया जाये तो जानवर बन चुके इन्सान को विज्ञान इन्सानियत भी सिखा सकता है  ।

Dai

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